आशीष खरोले की रिपोर्ट : चंद्रपुर जिले के वरोरा क्षेत्र में निवेश के नाम पर एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है, जहां मासिक 10 प्रतिशत ब्याज का लालच देकर गुजरात के एक व्यक्ति ने 52 लोगों से करीब 1 करोड़ 59 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में वरोरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी राजूभाई दयाभाई देसाई (उम्र 60 वर्ष, निवासी वलसाड, गुजरात) वर्ष 2024 में वरोरा आया था। उसने खुद को 'एन.आर. एंटरप्राइजेस' नामक कंपनी का संचालक बताते हुए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया।
आरोपी ने निवेशकों को हर महीने 10 प्रतिशत तक आकर्षक ब्याज देने का लालच दिया, जिससे लोग तेजी से उसकी योजना की ओर आकर्षित हुए। 19 अगस्त 2024 से लोगों ने अलग-अलग किश्तों में निवेश करना शुरू किया। शुरुआत के करीब 11 महीनों तक आरोपी ने समय पर ब्याज दिया, जिससे लोगों का विश्वास बढ़ता गया और अधिक से अधिक लोग इसमें पैसा लगाने लगे।
हालांकि, जुलाई 2025 के बाद अचानक ब्याज देना बंद कर दिया गया। जब निवेशकों ने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपी ने बैंक में तकनीकी समस्या का बहाना बनाकर दो-तीन महीने में पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन किसी को भी पैसा वापस नहीं मिला।
इसके बाद जब निवेशकों को ठगी का संदेह हुआ, तो कुछ लोग सीधे गुजरात के वलसाड पहुंचे और आरोपी को अपने साथ वरोरा लेकर आए। यहां वरोरा पुलिस थाने में सभी निवेशक इकट्ठा हुए। आरोपी ने कुछ लोगों को चेक दिए, लेकिन वे भी बाउंस हो गए।
इसके बाद आरोपी ने स्टांप पेपर पर लिखित रूप से 11 फरवरी 2026 तक पूरी रकम लौटाने या अपनी जमीन बेचकर भुगतान करने का वादा किया, लेकिन तय समय सीमा के बाद भी किसी को पैसा नहीं मिला।
अंततः 14 फरवरी 2026 को शरद वाल्मिक मांदाले (निवासी वरोरा) ने 52 निवेशकों की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।
इस मामले में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि जब निवेशक आरोपी को गुजरात से वरोरा लेकर आए थे, उसी दौरान आरोपी की पत्नी ने वलसाड पुलिस स्टेशन में अपने पति के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी।
फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच पुलिस निरीक्षक अजिंक्य तांबडे के मार्गदर्शन में जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।