गढ़वा | आज के दौर में जहां लोग अपने जन्मदिन को होटल, पार्टी और जश्न के बीच मनाना पसंद करते हैं, वहीं गढ़वा के समाजसेवी सूर्य प्रकाश सिंह ने अपने जन्मदिन को एक खास और प्रेरणादायक रूप देकर समाज के सामने एक मिसाल पेश की। गुरुवार को उन्होंने अपना जन्मदिन बेहद सादगी और सेवा भाव के साथ गढ़वा सदर अस्पताल में मनाया, जहां इलाजरत मरीजों और उनके परिजनों के बीच फल, जूस, ब्रेड एवं अन्य पौष्टिक राहत सामग्री का वितरण किया गया।
अस्पताल परिसर में जैसे ही सूर्य प्रकाश सिंह अपने सहयोगियों के साथ पहुंचे, वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी साफ झलकने लगी। उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उन्हें जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद मरीजों के बीच फल, जूस, ब्रेड और अन्य खाद्य सामग्री वितरित की गई।
इस अवसर पर सूर्य प्रकाश सिंह ने कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से लगातार अपना जन्मदिन इसी तरह समाज सेवा के कार्यों के साथ मनाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जन्मदिन केवल व्यक्तिगत खुशी का अवसर नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों के बीच खुशियां बांटने का भी एक सुनहरा मौका होता है।
उन्होंने कहा,
“अपने लिए तो हर कोई जीता है, लेकिन असली खुशी दूसरों की सेवा करने में है। मैं चाहता था कि मेरे जन्मदिन की शुरुआत उन लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाकर हो, जो इस समय अस्पताल में बीमारी और परेशानी से जूझ रहे हैं।”
उनकी इस पहल की अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों ने काफी सराहना की। कई लोगों ने कहा कि इस तरह के कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं कि वे अपने खास मौकों पर जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं।
इस कार्यक्रम के दौरान सूर्य प्रकाश सिंह के साथ राजा तिवारी, बिमलेश कुमार, पवन सोनी, सन्नी शर्मा, शनि सिंह और हिमांशु सिंह भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर राहत सामग्री वितरण में सक्रिय सहयोग किया और मरीजों का हालचाल जाना।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सूर्य प्रकाश सिंह का यह कदम न सिर्फ एक सामाजिक पहल है, बल्कि यह मानवता और सेवा भावना की सच्ची मिसाल भी है। जन्मदिन जैसे खास अवसर को जरूरतमंदों के बीच मनाकर उन्होंने यह साबित किया कि समाज सेवा ही सबसे बड़ा उत्सव है।
उनकी इस पहल से गढ़वा क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश गया है कि खुशियां तब और बढ़ जाती हैं, जब उन्हें दूसरों के साथ बांटा जाए।