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वणी (चंद्रपुर) : से आशीष खरोले की रिपोर्ट – ग्राम पंचायत पिंपळगांव में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाना अब जानलेवा बनता जा रहा है। प्रहार शेतकरी संघटना के विधानसभा प्रमुख रघुवीर कारेकर को ग्राम पंचायत के भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाने के कारण जान से मारने की धमकी दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।
बताया गया है कि ग्राम पंचायत में हो रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर जब कार्यकर्ताओं ने ग्रामसभा में सवाल उठाने की तैयारी की, तो कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें धमकाया गया। आरोप है कि ग्रामसभा का कामकाज समाप्त होने के बाद, ग्राम पंचायत के सरपंच की ओर से गुंडा प्रवृत्ति के लोगों के माध्यम से धमकी दिलवाई गई।
“सवाल उठाना राजनीति है क्या?” — ग्रामीणों का आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब वे जनहित और आम जनता से जुड़े मुद्दे उठाते हैं, तो उन्हें यह कहकर चुप कराने की कोशिश की जाती है कि वे राजनीति कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है —
“क्या आम जनता की समस्याएं उठाना राजनीति करना कहलाता है?”
पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
इस गंभीर मामले को लेकर वणी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है और सरपंच के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रहार शेतकरी संघटना ने प्रशासन से मांग की है कि धमकी देने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाया न जा सके।
लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाना अपराध बन गया है?
स्थानीय सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यदि आम लोगों को सवाल उठाने पर धमकाया जाएगा, तो लोकतंत्र की जड़ें कमजोर हो जाएंगी।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।

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