चंद्रपुर (महाराष्ट्र) : ग्राम पंचायत पाटाळा, तहसील भद्रावती, जिला चंद्रपुर द्वारा वेकोलि (WCL) खदान परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर एक विस्तृत प्रेस नोट जारी किया गया है। खनन गतिविधियों के कारण खेती, रोजगार, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सुरक्षा पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रेस नोट के अनुसार, वेकोलि द्वारा माजरी क्षेत्र में संचालित खदान परियोजना के लिए लगभग 60 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित की गई है, वहीं ग्राम पाटाळा की लगभग 20 प्रतिशत कृषि भूमि भी प्रभावित हुई है। इससे किसानों की आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है और क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ रही है।
ग्राम पंचायत ने मांग की है कि अधिग्रहित भूमि का उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए और पुनर्वसन प्रक्रिया पूर्ण होने तक किसी भी प्रकार का नया खनन कार्य शुरू न किया जाए। साथ ही, स्थानीय युवाओं को ₹15,000 से ₹40,000 प्रतिमाह रोजगार देने की भी मांग की गई है।
खनन से उत्पन्न धूल, प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, एम्बुलेंस सेवा और आपातकालीन स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।
इसके अलावा, वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही से सुरक्षा खतरे को देखते हुए स्ट्रीट लाइट, सड़क सुरक्षा उपाय, स्कूल बस सेवा, ग्राम बस सुविधा और CSR फंड के तहत ग्राम विकास की मांग भी शामिल है।
ग्राम पंचायत ने स्पष्ट किया है कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना गांव क्षेत्र में कोई भी कार्य न किया जाए। यदि प्रशासन द्वारा समस्याओं का समाधान 16 फरवरी 2026 तक नहीं किया गया, तो ग्रामीण काम बंद आंदोलन और जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी वेकोलि और जिला प्रशासन की होगी।