
झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसियेशन (जेजेए) के नाम पर फर्जीवाड़ा एवं वसूली को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संगठन के संस्थापक शाहनवाज हसन ने कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। उन्होंने संगठन के कानूनी सलाहकार जगदीश सलूजा को इस पूरे मामले में विधिसम्मत कार्रवाई के लिए अधिकृत किया है।
इस क्रम में संगठन की ओर से रांची निवासी अमरकांत सिंह को लगभग एक माह पूर्व नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उनसे जेजेए के नाम का अवैध रूप से उपयोग करने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। निर्धारित समय सीमा में किसी प्रकार का जवाब नहीं मिलने के बाद अब इस मामले को सीजेएम न्यायालय में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इसी बीच गढ़वा जिले के विकास साहू नामक युवक ने संगठन के संस्थापक शाहनवाज हसन को जानकारी दी थी कि गढ़वा जिले के एक निजी स्कूल संचालक सियाराम वर्मा, पूर्व इंटक नेता प्रदीप चौबे, यूट्यूबर प्रदीप कुमार सहित कुछ अन्य लोग जेजेए का नाम लेकर उन्हें धमका रहे हैं। इस सूचना पर शाहनवाज हसन ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए विकास साहू को संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने की सलाह दी थी।
संगठन की सलाह के बाद विकास साहू द्वारा उपरोक्त व्यक्तियों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बावजूद आरोप है कि उक्त तीनों व्यक्तियों ने पुनः स्वयं को जेजेए का पदाधिकारी बताते हुए विकास साहू के विरुद्ध बंशीधर नगर थाना में लिखित शिकायत दी है।
मामले की जानकारी मिलते ही जेजेए के संस्थापक शाहनवाज हसन ने थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार से दूरभाष पर संपर्क कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और स्पष्ट किया कि संबंधित लोग संगठन से पहले ही निष्कासित किए जा चुके हैं। उन्होंने इन व्यक्तियों के विरुद्ध जालसाजी और धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।
संगठन का आरोप है कि गढ़वा, पलामू, चतरा एवं धनबाद जिलों में जेजेए से निष्कासित कुछ यूट्यूबर्स एवं कॉलेज में कार्यरत एक चपरासी द्वारा संगठन के नाम पर वसूली की जा रही है। इस संबंध में जेजेए ने सभी संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।
जेजेए संस्थापक शाहनवाज हसन ने स्पष्ट किया है कि संगठन के नाम का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे सभी मामलों को कानूनी अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।