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गढ़वा में धान खरीद–बिक्री में अनियमितता और बायोमेट्रिक गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए JLKM ने अधिकारी के समक्ष शिकायत की। किसानों की समस्याओं का निदान जल्द करने की मांग।

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धान खरीद में हेरा-फेरी का आरोप, JLKM गढ़वा ने निदान की मांग की |
धान खरीद में हेरा-फेरी का आरोप, JLKM गढ़वा ने निदान की मांग की |

गढ़वा: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM), गढ़वा के जिला सचिव पंकज कुमार यादव के नेतृत्व में 22 जनवरी 2026 को विशुनपुरा प्रखंड में धान खरीद–बिक्री में हेरा-फेरी, वसूली और जालसाज़ी जैसे गंभीर आरोपों का खुलासा किया गया। किसानों की ओर से बतायी जा रही यह गड़बड़ियाँ जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाई गईं।

आज दिनांक 22 जनवरी को जिला उपयुक्त दिनेश कुमार यादव ने इस मुद्दे पर अपनी नाराज़गी व्यक्त की और जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम को मामले का निदान करने के निर्देश दिए। आरोप है कि विशुनपुरा प्रखंड में धान की खरीद–बिक्री में अनियमितता है, जिसका असर सीधे किसानों पर पड़ रहा है।

पंकज यादव ने बताया कि इससे पहले वे जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम, सहकारिता पदाधिकारी नीलम कुमारी सहित जिला और प्रखंड के अधिकारियों को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे यह स्पष्ट होता है कि खरीदी प्रक्रिया में अध्यक्ष से लेकर ब्लॉक अधिकारी और जिला पदाधिकारी तक सक्रिय भूमिका नही निभा रहे हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया कि ऑनलाइन बायोमेट्रिक के लिस्टिंग में भारी गड़बड़ी है। किसानों की बायोमेट्रिक जांच में से लगभग 70 से 80 प्रतिशत entries पैक्स अध्यक्ष या उनके रिश्तेदारों की हैं, जिससे यह संदेह उत्पन्न हो रहा है कि वास्तविक किसानों की पहचान से बायपास किया जा रहा है। आरोप लगाया गया कि यह समस्या केवल विशुनपुरा प्रखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे गढ़वा जिले में सभी प्रखंडों में इसी तरह की अनियमितता देखने को मिल रही है।

JLKM के नेताओं का कहना है कि यदि इस मामले का सही और उचित निदान नहीं किया गया, तो बहुत बड़ा जन आन्दोलन शुरू किया जाएगा ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहे। संगठन ने यह भी बताया कि अभी तक किसानों की परेशानी स्पष्ट रूप से सामने आई है, जिसमें

29–30 दिनों के बाद भी बायोमेट्रिक न होना,

बिना उचित भुगतान के अंगूठा लगना,

धान खरीद में अतिरिक्त कटौती,

अगर घर तक पहुंचना है तो ट्रैक्टर के लिए भारी शुल्क (लगभग ₹2500) जैसी समस्याएँ शामिल हैं।

किसानों का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया में देरी, धान खरीद में पारदर्शिता की कमी और पाश्चात्य बाजार में अफ़ॉर्डेबल प्रक्रिया न होने के कारण उन्हें व्यापक कष्ट उठाना पड़ रहा है। यह स्थिति किसानों की आमदनी और कृषि उपज बेचने के अधिकार को प्रभावित कर रही है।

उक्त मौके पर JLKM के प्रतिनिधियों में जिला सचिव पंकज कुमार यादव, कंचन देव यादव और युवा क्रांतिकारी पंकज कुमार कुशवाहा मौजूद थे। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए मोर्चा सतर्क है और जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।

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    Vikash Kumar

    Vikash Kumar | पत्रकार व लेखक | Varta By Vikash Sahu

    Vikash Kumar एक स्वतंत्र पत्रकार और लेखक हैं, जो झारखंड और भारत से जुड़ी राजनीति, समाज, जनसमस्याओं और समसामयिक मुद्दों पर निष्पक्ष लेखन करते हैं।

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