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चंद्रपुर, वरोरा। आल्फर गांव में एक खेत के पास स्थित नाले से करीब 9 फीट लंबा विशाल मगरमच्छ पकड़े जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मगरमच्छ को चारगांव बांध में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
घटना नितेश तुरानकर के खेत की है, जहां बारिश के कारण नाले में पानी भरने के बाद अचानक एक बड़ा मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ के हमला करने की कोशिश से ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। खबर फैलते ही ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग वरोरा को सूचना दी, जिसके बाद अपास (APAS) एनजीओ की रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया गया।
दोपहर के समय शुरू हुए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पानी के भीतर मगरमच्छ को पकड़ने के लिए टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। रेस्क्यू के दौरान का रोमांचक दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। कई लोगों ने इस पूरे अभियान को अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड किया, जिससे यह दृश्य किसी फिल्मी सीन जैसा प्रतीत हुआ।
रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने में अपास एनजीओ के विशाल मोरे, हर्षल बाकड़े, विवेक मोरे, पंकज खाजणे, प्रशांत राऊत, अमित नन्नावरे, राहुल पानघटे, शुभम भगत, श्रीपाद बाकड़े और आशिष चहाकाटे का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं वन विभाग की ओर से आरएफओ सतीश शेंडे, शेगांव आरक्षी जितेंद्र लोणकर, टेंभुर्डा आरक्षी दिवाकर चांभारे तथा आल्फर के वनरक्षक हजारे ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
सफल रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को पूरी सुरक्षा और नियमों के तहत चारगांव बांध में पुनः सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
अब तक 9 मगरमच्छों का सफल स्थानांतरण ।
यह अपास एनजीओ द्वारा इस क्षेत्र में पकड़ा गया नौवां मगरमच्छ है। बीते कुछ वर्षों में मानव-मगर संघर्ष बढ़ने के कारण वन विभाग और अपास एनजीओ ने मिलकर कई सफल रेस्क्यू अभियान चलाए हैं।
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि इस प्रकार के जंगली जानवर दिखाई दें, तो स्वयं जोखिम लेने के बजाय तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना दें और तालाब, नालों व जलाशयों के पास विशेष सावधानी बरतें।

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