चंद्रपुर पुलिस ने अपहरण के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 वर्षीय मासूम बच्चे को मात्र 20 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 28 फरवरी 2026 को एक 27 वर्षीय महिला फरियादी ने बल्लारपुर पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका 3 वर्षीय बेटा घर के सामने खेलते समय अचानक लापता हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक चंद्रपुर श्री मुम्मका सुदर्शन के मार्गदर्शन में स्थानीय गुन्हे शाखा (LCB) और बल्लारपुर पुलिस की 7 टीमों का गठन किया गया। लगभग 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जांच में लगाया गया।
तकनीकी और गोपनीय जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी बच्चे को लेकर तेलंगाना राज्य के मंचेरियल जिले के रामकृष्णापुर क्षेत्र में पहुंचे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां छापा मारा और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी तेलंगाना राज्य के मंचेरियल जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे और उसे चार पहिया वाहन से ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित छुड़ा लिया।
बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिया गया है। इस घटना में और भी आरोपियों की संलिप्तता की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों की अहम भूमिका
इस सफल कार्रवाई में निम्न अधिकारियों का विशेष योगदान रहा:
श्री मुम्मका सुदर्शन, पुलिस अधीक्षक, चंद्रपुर
श्री ईश्वर काटकुळे, अपर पुलिस अधीक्षक
श्री गितेश वाठखेडे, अपर पुलिस अधीक्षक
श्री सुधीर नंदवार, उपविभागीय पुलिस अधिकारी
जांच टीम में शामिल अधिकारी:
श्री अनिल कावरे, पुलिस निरीक्षक (स्थानीय गुन्हे शाखा)
श्री विपिन इंगले, पुलिस निरीक्षक, बल्लारपुर
सहायक पुलिस निरीक्षक दीपक कोंडवार, बलराम झाडोकर, अजित चिचकोडे
पुलिस उपनिरीक्षक सुनिल गोमकर, गजानन काकडे, सोनू डांगेकर, प्रवीण निकोड़े, किशोर बेंगड़े, अजय बोरकर, इमरान खान, दीपक डोरे आदि
इसके अलावा कई पुलिस कर्मियों ने इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस की अपील
चंद्रपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी बच्चे के लापता होने या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत बच्चों को सुरक्षित वापस लाने का अभियान लगातार जारी है।