Article Body
विस्तृत समाचार / बायोग्राफी : गढ़वा जिले के रंका स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रभारी चिकित्सक डॉ. असजद अंसारी आज क्षेत्र में सेवा, समर्पण और ईमानदारी की मिसाल बन चुके हैं। अपने कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता ने उन्हें आम लोगों के बीच एक भरोसेमंद डॉक्टर के रूप में स्थापित किया है।
1. शिक्षा और प्रारंभिक जीवन
डॉ. असजद अंसारी का जन्म एक शिक्षित और समाजसेवी परिवार में हुआ। उनके पिता डॉ. यासीन अंसारी गढ़वा जिले के वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी रह चुके हैं, जिन्होंने वर्षों तक लोगों की सेवा कर समाज में अपनी अलग पहचान बनाई।
डॉ. असजद ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गोविंद हाई स्कूल से पूरी की, जहाँ से उन्होंने मैट्रिक उत्तीर्ण किया। इसके बाद उन्होंने Gossner College, Ranchi से ISC (इंटरमीडिएट साइंस) की पढ़ाई पूरी की।
चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए उन्होंने पटना में रहकर कड़ी मेहनत की और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। अपने अथक प्रयास और लगन के बल पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त किया और सफलतापूर्वक चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कदम रखा।
2. रंका CHC को बनाया मॉडल हेल्थ सेंटर
प्रभारी चिकित्सक के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. असजद अंसारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंका की व्यवस्था को पूरी तरह बदलकर रख दिया।
जहाँ पहले स्वास्थ्य सेवाओं में कई प्रकार की समस्याएँ थीं, वहीं आज CHC रंका एक व्यवस्थित, स्वच्छ और मरीजों के अनुकूल अस्पताल के रूप में विकसित हो चुका है।
उनकी कार्यशैली इतनी प्रभावी रही है कि स्थानीय लोग मानते हैं कि जिस तरह से उन्होंने अस्पताल का प्रबंधन किया है, वैसा कार्य बहुत कम लोग कर पाते हैं।
3. मानव सेवा में अग्रणी – 38 यूनिट रक्तदान
डॉ. असजद अंसारी केवल एक चिकित्सक ही नहीं, बल्कि एक सच्चे समाजसेवी भी हैं। उन्होंने अब तक 38 यूनिट रक्तदान कर मानव सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।
उनका मानना है कि डॉक्टर होने का मतलब सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर खुद भी आगे आकर सेवा करना है।
4. मोतियाबिंद ऑपरेशन का निःशुल्क आयोजन
गरीब और जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए डॉ. अंसारी ने अपनी व्यक्तिगत क्षमता से मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन भी कराया।
इस पहल से कई ऐसे मरीजों को नई रोशनी मिली, जो आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करवा पा रहे थे।

5. राज्य स्तर पर सम्मानित
डॉ. असजद अंसारी के कुशल प्रबंधन और उत्कृष्ट कार्यों के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंका को झारखंड सरकार द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।
इसके अलावा भी विभिन्न संस्थाओं द्वारा उन्हें और उनके अस्पताल को सराहना और पुरस्कार मिल चुके हैं।
6. पिता से मिली सेवा की प्रेरणा
डॉ. असजद अंसारी के जीवन में उनके पिता डॉ. यासीन अंसारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके पिता ने भी गढ़वा जिले में वर्षों तक चिकित्सा सेवा देकर समाज में एक अलग पहचान बनाई।
उन्हीं के आदर्शों और संस्कारों से प्रेरित होकर डॉ. असजद आज समाज सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं।
7. लोगों के लिए उम्मीद की किरण
आज रंका और आसपास के क्षेत्रों में डॉ. असजद अंसारी केवल एक डॉक्टर नहीं, बल्कि लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन चुके हैं।
उनकी कार्यशैली, विनम्र व्यवहार और सेवा भावना ने उन्हें जनता के दिलों में विशेष स्थान दिलाया है।
8. निष्कर्ष
डॉ. असजद अंसारी जैसे समर्पित चिकित्सक समाज के लिए एक प्रेरणा हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि नीयत साफ हो और सेवा का भाव हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।

Comments