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चंद्रपुर के बल्लारपुर में आदिवासी जमीन पर अवैध प्लॉटिंग कर 4–4.5 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगा है। 91 ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई।

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बल्लारपुर में आदिवासी जमीन पर 4 करोड़ से ज्यादा का घोटाला, 91 प्लॉट बेचने का आरोप
बल्लारपुर में आदिवासी जमीन पर 4 करोड़ से ज्यादा का घोटाला, 91 प्लॉट बेचने का आरोप

चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर क्षेत्र में आदिवासी जमीन से जुड़े एक बड़े कथित जमीन घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि सर्वे नंबर 31/60 की आदिवासी स्वामित्व वाली संरक्षित जमीन पर अवैध रूप से प्लॉट काटकर करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया, जिससे 91 ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी हुई है।

जानकारी के अनुसार 72 वर्षीय सेवानिवृत्त एसटी चालक सुघोष पांडुरंग महेशकर ने आरोप लगाया है कि उनकी आदिवासी श्रेणी की संरक्षित जमीन पर भू-माफियाओं ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया और बिना किसी कानूनी अनुमति के उस पर प्लॉटिंग कर दी।

बताया जा रहा है कि इस जमीन पर कुल 91 प्लॉट बनाए गए, जिनका औसत आकार करीब 1000 वर्गफुट है। स्थानीय बाजार दर के अनुसार इन प्लॉट्स की कीमत 450 से 500 रुपये प्रति वर्गफुट बताई जा रही है। इस हिसाब से पूरे लेन-देन की रकम लगभग 4 से 4.5 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।

पीड़ित का आरोप है कि यह पूरा लेन-देन कथित रूप से नकद (कैश) में किया गया, जिससे सरकार को मिलने वाला राजस्व भी जमा नहीं हुआ।

महेशकर ने इस मामले में कुछ लोगों पर मुख्य रूप से जमीन का अवैध सौदा करने का आरोप लगाया है, जिनमें शामली श्रीहरी अंचुरी, श्रीहरी अंचुरी, बादल उराडे और सुमित चंदू डोहणे के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

बताया गया है कि संबंधित जमीन ऑक्युपेंसी क्लास-2 श्रेणी में आती है और यह आदिवासी संरक्षण से जुड़े कानूनों के अंतर्गत सुरक्षित है। आरोप है कि जिला प्रशासन की अनुमति के बिना ही कथित रूप से फर्जी नक्शों के आधार पर प्लॉट बेचे गए।

इस मामले में पीड़ित परिवार का कहना है कि National Commission for Scheduled Tribes ने 22 अक्टूबर 2025 को कथित अवैध निर्माण हटाने के आदेश भी दिए थे। इसके अलावा न्यायालय द्वारा भी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाने का दावा किया गया है।

पीड़ित सुघोष महेशकर का कहना है कि उनकी आदिवासी जमीन कानूनी रूप से सुरक्षित होने के बावजूद उस पर अवैध रूप से करोड़ों रुपये का कारोबार किया गया और 91 ग्राहकों को भी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।

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